जिला पंजीयक कार्यालय डीआर की मिलीभगत से हो रहा भ्रष्टाचार


भ्रष्ट बाबू जहूर खान के मामले में दो माह बीतने के बाद भी नहीं हुई कार्यवाही

छतरपुर। जिला पंजीयक कार्यालय इन दिनों जिला पंजीयक अधिकारी की मेहरबानी के चलते भ्रष्टाचार मैं इस कदर जकड़ चुका है कि अब बिना सुविधा शुल्क दिए कोई काम नहीं होता। कार्यालय में पदस्थ बाबू जहूर खान पर जिला पंजीयक अधिकारी इतने मेहरबान है कि भ्रष्टाचार का मामला उजागर होने के बाद कई शिकायतें दिए जाने के बाद भी उनके द्वारा सार्थक कार्यवाही नहीं की गई बल्कि भोपाल शिकायत भेजने की बात कहकर भ्रष्टाचार के मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। भ्रष्टाचार में लिप्त बाबू जहूर खान भ्रष्टाचार से पुराना नाता है लवकुश नगर में उनके द्वारा फर्जीवाड़ा कर कई रजिस्ट्री या करवाई गई थी इस मामले में उन्हें दोषी भी बनाया गया था, इसके बाद भी बाबू जरूर खान को नकल प्रभारी बना दिया गया जबकि यह प्रभार सब रजिस्टार के पास होता है इस तरह अवैध रूप से बाबू जहूर खान द्वारा नखरो पर अपने हस्ताक्षर कर जारी की गई साथ ही प्रत्येक नकल निकलवाने के बाद में 500 से ₹700 दिए गए जबकि नियमानुसार ₹250 लगते हैं। इस मामले की शिकायत जिला पंजीयक अधिकारी से किए जाने के बाद भी वे औपचारिकताएं कर भ्रष्ट बाबू को बचाते नजर आ रहे हैं।

*जिला कलेक्टर को भी कराया जाएगा अवगत*

राष्ट्रीय मानवाधिकार सेवा संगठन की जिला अध्यक्ष नेहा सिंह ने बताया कि उनके द्वारा जिला पंजीयक कार्यालय में हो रही भ्रष्टाचारी और दलाली के खिलाफ जिला पंजीयक अधिकारी को शिकायती आवेदन दिया जा चुका है लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई है अब उनके द्वारा सोमवार को जिला कलेक्टर शैलेंद्र सिंह को शिकायती आवेदन देकर कार्यवाही की मांग की जाएगी। इसके अलावा यह भी मांग की जाएगी कि डीआर महोदय बुधवार को ही छतरपुर आते हैं जबकि जिला बड़ा होने के कारण छतरपुर जिला पंजीयक कार्यालय में ऐसे अधिकारी की पदस्थापना होना चाहिए जिसका मुख्यालय छतरपुर ही हो। नेहा सिंह ने बताया कि जिला पंजीयक कार्यालय में भ्रष्टाचार के बोल वाला को देखते हुए लोकायुक्त सागर में भी सोमवार को शिकायत की जाएगी।